हे !राम तुम्हारी रामायण जन-जन को प्यारी लगती है
प्रभु तेरे चरित की गाथा हर युग अमर रहेगी|
हे!राम तुम्हारी रामायण जन -जन को प्यारी लगती है...
बाल रूप धर माँ कौशिल्या प्रभु तुमने ही को धन्य किया,
पितृ आज्ञा शिरोधार्य कर प्रभु तुमने ही वन गमन किया ,
अपने आदर्श चरित से जन- जन को राह दिखाई|
हे !राम तुम्हारी रामायण जन जन को प्यारी लगती है
प्रभु तेरे चरित की गाथा हर युग में अमर रहेगी |
अत्याचारी बलि का वध कर राज्य सुग्रीव को प्रभु तुमने ही दिलवाई ,
सदा अन्याय पे न्याय की जीत प्रभु तुमने ही
करवाई |
महाभयंकर रावण का वध कर राज्य विभीषण को प्रभु तुमने ही दिलवाई ,
सदा असत्य पे सत्य की विजय प्रभु तुमने ही करवाई|
तेरे चरणों में ध्यान लगाकर ,तेरे रूप का दर्शन पाकर, नतमस्तक हम होते बारम्बार,
हे!राम तुम्हारी रामायण जन -जन को प्यारी लगती है ...
प्रभु तेरे चरित की गाथा हर युग में अमर रहेगी|..
(अपने प्रभु श्री राम को शब्द रुपी पुष्प समर्पित है आपकी महाश्वेता )
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