Wednesday, January 17, 2024

आ. सुनील कुमार महला जी

राम कौन है ?
भारतीय संस्कृति के आधार हैं राम।
भगवान विष्णु के अवतार हैं राम।
महाराज दशरथ और रानी कौशल्या के सबसे बड़े पुत्र हैं राम।
सीता के पति व लक्ष्मण, भरत तथा शत्रुघ्न के भ्राता
हैं राम।
जटायु के उद्धारक हैं राम।
वचनों के प्रति प्रतिबद्ध हैं राम।
भीतर प्रकाश है राम, हृदय में प्रकाश है राम।
इंसानियत का आधार और बुनियाद है राम।
ब्रह्मांड में, इस जीव-जगत में रमा हुआ तत्व है राम।
चराचर में विराजमान स्वयं ब्रह्म हैं राम।
मर्यादा पुरुषोत्तम है राम।
करूणा है राम, शांति है राम।
राम हर आंगन में है।
सबके मन और आत्मा में है राम।
योगियों की आध्यात्मिक-मानसिक भूख और
भोजन हैं राम।
कैवल्य है राम, कल्याण है राम।
ज्योतित सत्ता है राम।
पतवार है राम, पालनहार है राम।
अहिल्या के उद्धारक हैं राम।
माता शबरी(श्रमता) के झूठे बेरों को प्रेम से
खाने वाले हैं राम।
तुलसी के हैं राम, वाल्मीकि के हैं राम।
अगस्त ऋषि के परम शिष्य हैं राम।
गांधी, कबीर के हैं राम।
अध्यात्मिकता का मार्ग है राम ।
दृष्टिकोण है राम ।
श्री हनुमान का विश्वास है राम ।
ज्योतिपुंज है राम।
स्वयं में एक दर्शन हैं राम।
आत्मा,मन, शरीर और प्राणशक्ति है राम।
आनंद और प्रसन्नता के स्त्रोत हैं राम।
राम वह सत्ता है,
जिसकी शक्ति से रावण मर जाता है।
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© सुनील कुमार महला,
फ्रीलांस राइटर, कालमिस्ट व युवा साहित्यकार, 
उत्तराखंड।

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