Thursday, January 18, 2024

आ. रघुनाथ पालीवाल

ब्रह्मा जी के पुत्र दरीची, कश्यप के वंश से जो सूर्यवंश हुआ।उसी के इक्षवा कुल में प्रभू श्री राम का जन्म हुआ, विष्णु के अवतार माने प्रभू श्री राम का जन्म त्रेता युग में हुआ,,राजा दशरथ माता कौशल्या के पुत्र तो लखन भरत शत्रुघ्न के भाई ये प्रभू श्री राम।
माता सीता के आदर्श पति ये प्रभू श्री राम,हनुमान उनका परम भक्त है ,तो सुग्रीव उनका मित्र,। गुरु के साथ वन में जाते समय पत्थर की नारी अहल्लिया को मूल रूप धारण करते श्री राम।
ताड़क नामक स्थान पर ताड़का राक्षसी ओर राक्षसों का अंत किया प्रभू श्री राम ने। 
राजा जनक के वहा गुरु आज्ञा से स्वयंवर में शिव धनुष को तोड़ा जनक दुलारी से नाता जोड़ा,,।
समय बड़ा बलवान, काल विकट परिस्थितियों मे प्रभू श्री राम को 14 वर्ष का वनवास मिला ,पिता का वचन नही टूटे ,,रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाय।प्रभू श्री राम वन को चल पड़े वन में खर दूषण को मार डाला,तो सीता माता का अपहरण की घटना रावण ने रची , जटायु राज ने अपने आप को मौत के हवाले करते हुए सीता माता के लिए लड़ते हुए वीरगति प्राप्त हुआ। बाली के धमंड को चूर कर उनका वध किया,, वानर सेना लेकर राम सेतु का निर्माण नल नील ने किया तो सभी लंका पहुंच रावण मेघनाथ सहित पूरे राक्षसों का विनाश किया प्रभू श्री राम ने ,सीता सहित पुप्ष विमान वाहक से अपने धाम अयोध्या को आए। 
प्रभु श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए तो राम ने सत्य वचन करुणा धर्म सदाचार के मार्ग पर चल कर राज किया। 
प्रभु श्री राम एक आदर्श पति भी ये सीता जैसी एक पतिव्रता नारी होना आज ये युग में बहुत मुस्किल,,राम जैसा पति की कामना तो सभी करते हैं, परंतु इस बात पर विचार करे राम के लिए सीता माता बनना भी आवश्यक है,,,,,,,,
स्व रचित मौलिक
© रघुनाथ पालीवाल

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