राम भजन
सजी है अयोध्या दीप जगमगा रहे हैं,
मेरे राम आ रहे हैं, श्री राम आ रहे हैं।
भगवा लेके हाथों में खुशियां मना रहे हैं,
मेरे राम आ रहे हैं, श्री राम आ रहे हैं।
राम सिया राम हर तरफ है राम राम,
गगन झूमें धरती गाये आ रहे हैं राम।2
जीव जंतु पते फूल सब मुस्कुरा रहे हैं,
मेरे राम आ रहे हैं, श्री राम आ रहे हैं।
कश्मीर से कन्याकुमारी सब राममय है,
देखो शुभ घड़ी है आई सब आनंदमय है।2
हर जगह मची है धूम मस्ती में गा रहे हैं,
मेरे राम आ रहे हैं, श्री राम आ रहे हैं।
साधु संत भक्त सारे सब राह तक रहे हैं,
राम से मिलने को सभी बेचैन लग रहे हैं।2
कबसे खड़े है राहों में पुष्प बिछा रहे हैं,
मेरे राम आ रहे हैं, श्री राम आ रहे हैं।
- गीतकार - ©पवन शर्मा,
शिमला, हिमाचल प्रदेश
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