Sunday, January 21, 2024

आ. मोनिका डागा आनंद जी

रामोत्सव 
महकी है फुलवारी, सजी है अयोध्या सारी,
 उत्सव तू भी मना रे, रंग तू भी ले सजा ।
छवि पर बलिहारी, आरती करें पुजारी,
मंगल कीर्तन करे, ढोल नगाड़े बजा ।
सबसे मंगलकारी, नाम ये आनंदकारी ,
हर लेता दुःख सारे, अमृत ये उपजा।
कोई कहे हितकारी, कोई कहे सुखकारी,
भव सागर से तारे, दीपक तू भी जगा।
पूजे सब नर नारी , दर्शन दो एक बारी,
हम तो जीवन हारे, रट राम की लगा।
विनती सुनो हमारी, शरणागत तिहारी,
मेरे तुम ही सहारे, सोए भाग्य तो जगा।
दुनिया कहती सारी, जप लो सोच विचारी,
 संगीत गुन गुनारे, घुन राम तू भी गा।
  - मोनिका डागा "आनंद" , चेन्नई
आपके स्नेह और प्यार का धन्यवाद !💕
रचना ( स्वरचित व सर्वाधिकार सुरक्षित) ✍️
LOVE YOU ZINDAGI 🙏♥️🙏

No comments:

Post a Comment

आ. अमित पाठक शाकद्वीपी

अभिनंदन हे अवध बिहारी अभिनंदन हे अवध बिहारी, मेघवर्ण पीतांबर धारी, स्वर्ण मुकुट मुक्तन की माला, दीप्त भाल है नयन विशाला, पद पंकज...