आएं जग तारणहार
अयोध्या सजी है लगाओ बंदनवार,
बरसो पलके बिछाए किया है इंतजार,
राम दर्शन को तरस उठा सारा संसार,
चलो अयोध्या चले आए जग तारणहार।।
सभी राम भक्तों ने लाखों प्रयास किए हैं,
कुछ राम प्यारो ने अपने प्राण भी तज दिए हैं,
सबके प्रयासों से ही रच गया एक नया इतिहास,
रामलला अयोध्या विराजे पांच सौ वर्षों का काट वनवास।।
विरोधियों को परास्त कर कोर्ट से जब आदेश आए,
सभी धर्म प्रेमी भी अपने मन में बहुत हर्षाएं,
बच्चे बच्चे के मानस पटल पर राम छा गए,
अयोध्या पुनः हुई पावन मेरे श्री राम आ गए।।
मोदी जी ने भी श्रद्धा भाव से विधि विधान सभी किया,
भक्तो ने भी अयोध्या के पुनः निर्माण में योगदान पूरा दिया,
घर-घर पुनः राम दिवाली मनाओ बनाओ मीठे पकवान,
पालनहार अयोध्या विराजे आए जग तारणहार।।
मौलिक एवं अप्रकाशित रचना
© श्रीमती ज्योति रानी
धामपुर बिजनौर उत्तर प्रदेश
भारत
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